टीईटी अब होगी जनवरी 2014 में.....
* परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने भेजा प्रस्ताव, बीएड वाले होंगे उच्च प्राइमरी के लिए पात्र......
* बीएड की खाली 32,000 सीटों पर सीधे मिलेगा प्रवेश.....

लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अब इस साल न कराकर जनवरी 2014 में कराने की योजना है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें 10 से लेकर 14 जनवरी के बीच किसी भी दिन दो पालियों में परीक्षा कराने की बात कही गई है। बीटीसी, उर्दू बीटीसी और कोर्ट के आदेश पर प्रशिक्षित विशिष्ट बीटीसी वाले प्राइमरी और बीएड वाले उच्च प्राइमरी स्कूलों की टीईटी के लिए पात्र होंगे। शासन से मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी करते हुए आवेदन लेने की प्रक्रिया दिसंबर में शुरू करने की योजना है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद कक्षा आठ तक के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके आधार पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने वर्ष 2010 में अधिसूचना जारी करते हुए राज्यों से साल में दो बार टीईटी आयोजित कराने की व्यवस्था की है। उत्तर प्रदेश में अब तक केवल दो बार यानी नवंबर 2011 और जून 2013 में टीईटी आयोजित हुई है। वर्ष 2012 में टीईटी आयोजित नहीं की गई। इस बार साल में दो बार टीईटी कराने की तैयारी थी लेकिन देरी होने की वजह से यह तय किया गया है कि अब इसे जनवरी 2014 में कराया जाए। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने इसके आधार पर प्रस्ताव भेजा है। इसमें टीईटी जनवरी में कराए जाने की बात कही गई है। इस बार भाषा शिक्षकों के लिए अलग से परीक्षा कराने का प्रस्ताव नहीं है। वजह साफ है कि जून 2013 की परीक्षा में मोअल्लिम वालों को भी शामिल होना था, इसलिए भाषा शिक्षक के लिए टीईटी की अलग से व्यवस्था की गई थी।
कानपुर (ब्यूरो)। प्रदेश में खाली चल रही बीएड की 32,000 सीटों पर अब सीधे प्रवेश लिया जा सकेगा। यह फैसला उच्चशिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव नीरज गुप्ता ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेज प्रबंधकों की मांग पर लिया है। नए आदेश के मुताबिक जिन कॉलेजों में बीएड की सीटें खाली है वो कॉलेज विज्ञापन जारी कर सीधे आवेदन मंगा सकते हैं। प्रवेश की पूरी प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक संपन्न की जानी है। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश में कुल 32,000 सीटें भरी जाएंगी। प्रवेश केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दिया जाएगा जो बीएड की प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विनय त्रिवेदी और महामंत्री डॉ. बृजेश भदौरिया ने बताया कि इस सिलसिले में काफी दिनों से बातचीत चल रही थी जिसे गुरुवार को मान लिया गया है।
Breaking....
junior ki bhrti bhi fasegi... dhyan rahe gov. ke isare par kuch log is kaam ke liye taiyar kar liye gaye hai.. kuch log jo isse bahar the wo bhi taiyari me.. kai imp points par rit ki taiyari... koi gussa na kare. bas jo hoga thekha jayega.. ab to hum bhi pakke ho gaye aisi baato se... be brave... jai ho jangalraaj...
शुभ संध्या साथियों,,
दो भर्ती प्रक्रिया अभी लंबित चल रही है,, लोगो के अनुमान, कयास, और प्रयास जारी है, लोग हर प्रकार से सोच रहे है कैसे भी हो बस भर्ती हो जाये, कुछ कहते है पहले जूनियर कि सही है, कुछ कहते है कि प्राइमरी की अभी सुरु हो जाये, धरने, प्रदर्शन जारी है, इन सबका मकसद सरकार पर दबाव बनाना है, क्योंकि कोर्ट पर दबाव का मतलब भी सरकार पर दबाव है, क्योकि सत्ता में ही ब्रह्माण्ड निहित है, जो चाहो वो कर लो,, फिर भी हम तो प्रयास कर रहे है, लेकिन क्या कोई साथी कोई एक ऐसा उदाहरण दे सकता है जिसमे इस तानाशाही सरकार ने आम जनता के हित में किसी प्रकार के धरने का सम्मान करते हुए किसी कि बात मानी हो, या किसी भी अनसन करी को सम्मान सहित जल पिलाकर उसका अनसन समाप्त कराया हो, शायद ऐसे अपना हक मांगने वाले हर प्रदर्शन करी को सिर्फ लाठिय मिली है, हम ऐसे माहोल में जी रहे है जिसमे सब कुछ रिमोट से चलता है, और हाथ से चलने वाले बटन है ही नहीं,,, ऐसी व्यवस्था में सिर्फ इंतज़ार ही किया जा सकता है, जो हम सब करके थक चुके है,,, लेकिन और कुछ रास्ता है भी नहीं, अगर है तो आप सुझाव दे,,, धन्यवाद,,

हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सोमवार को ही शुरू हुई थी काउंसलिंग
•अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद/लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रदेश में 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कई अभ्यर्थियों की उस विशेष अपील को स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है, जिसमें टीईटी को अर्हता मानने को चुनौती दी गई है। कोर्ट का आदेश आने के बाद प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार के मौखिक निर्देश पर बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेज दिया। इसके बाद सोमवार को ही शुरू हुई काउंसलिंग 11 फरवरी तक स्थगित कर दी गई। कोर्ट ने मामले पर प्रदेश सरकार से 11 फरवरी तक जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने नवीन कुमार श्रीवास्तव और अन्य अभ्यर्थियों की विशेष अपील सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। अपीलार्थियों की दलील थी, चूंकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक केंद्रीय अधिनियम है और इसी के तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 को अधिसूचना जारी कर सहायक अध्यापकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित की है। इसलिए बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 पर यह बाध्यकारी है। इस अधिसूचना के विपरीत शिक्षक नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा पहले की विज्ञापन रद्द कर देने से पूरी चयन प्रक्रिया बदल गई है। टीईटी के प्राप्तांकों को अब मानक के बजाय मात्र अर्हता माना जा रहा है। इस नई परिस्थिति में जो लोग 30 नवंबर 2011 के विज्ञापन में आवेदन की अर्हता नहीं रखते थे वह भी अब अर्ह हो गए हैं। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से जानना चाहा है कि क्या एकल न्यायपीठ ने टीईटी परीक्षा में हुई धांधली और इसमें लिप्त लोगों को अलग करके शेष लोगों का चयन टीईटी के प्राप्तांक पर करने के लिए कहा था। खंडपीठ का मत था कि पिछली सरकार के जाने के बाद नई सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया बदल दी। अब ऐसा भी संभव है कि कोई दूसरी सरकार बने और वह इस सरकार की चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए बदल दे। खंडपीठ ने चार फरवरी से शुरू काउंसलिंग पर रोक लगाते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से काउंसलिंग प्रक्रिया स्थगित करने का आदेश भेज दिया है। इस संबंध में सभी जिलों में विज्ञापन प्रकाशित कराने को भी कहा गया है, ताकि आवेदकों को इसकी जानकारी मिल सके।

हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सोमवार को ही शुरू हुई थी काउंसलिंग
•अमर उजाला ब्यूरो
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न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने नवीन कुमार श्रीवास्तव और अन्य अभ्यर्थियों की विशेष अपील सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। अपीलार्थियों की दलील थी, चूंकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक केंद्रीय अधिनियम है और इसी के तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 को अधिसूचना जारी कर सहायक अध्यापकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित की है। इसलिए बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 पर यह बाध्यकारी है। इस अधिसूचना के विपरीत शिक्षक नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा पहले की विज्ञापन रद्द कर देने से पूरी चयन प्रक्रिया बदल गई है। टीईटी के प्राप्तांकों को अब मानक के बजाय मात्र अर्हता माना जा रहा है। इस नई परिस्थिति में जो लोग 30 नवंबर 2011 के विज्ञापन में आवेदन की अर्हता नहीं रखते थे वह भी अब अर्ह हो गए हैं। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से जानना चाहा है कि क्या एकल न्यायपीठ ने टीईटी परीक्षा में हुई धांधली और इसमें लिप्त लोगों को अलग करके शेष लोगों का चयन टीईटी के प्राप्तांक पर करने के लिए कहा था। खंडपीठ का मत था कि पिछली सरकार के जाने के बाद नई सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया बदल दी। अब ऐसा भी संभव है कि कोई दूसरी सरकार बने और वह इस सरकार की चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए बदल दे। खंडपीठ ने चार फरवरी से शुरू काउंसलिंग पर रोक लगाते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से काउंसलिंग प्रक्रिया स्थगित करने का आदेश भेज दिया है। इस संबंध में सभी जिलों में विज्ञापन प्रकाशित कराने को भी कहा गया है, ताकि आवेदकों को इसकी जानकारी मिल सके।

हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सोमवार को ही शुरू हुई थी काउंसलिंग
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न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने नवीन कुमार श्रीवास्तव और अन्य अभ्यर्थियों की विशेष अपील सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। अपीलार्थियों की दलील थी, चूंकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक केंद्रीय अधिनियम है और इसी के तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 को अधिसूचना जारी कर सहायक अध्यापकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित की है। इसलिए बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 पर यह बाध्यकारी है। इस अधिसूचना के विपरीत शिक्षक नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा पहले की विज्ञापन रद्द कर देने से पूरी चयन प्रक्रिया बदल गई है। टीईटी के प्राप्तांकों को अब मानक के बजाय मात्र अर्हता माना जा रहा है। इस नई परिस्थिति में जो लोग 30 नवंबर 2011 के विज्ञापन में आवेदन की अर्हता नहीं रखते थे वह भी अब अर्ह हो गए हैं। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से जानना चाहा है कि क्या एकल न्यायपीठ ने टीईटी परीक्षा में हुई धांधली और इसमें लिप्त लोगों को अलग करके शेष लोगों का चयन टीईटी के प्राप्तांक पर करने के लिए कहा था। खंडपीठ का मत था कि पिछली सरकार के जाने के बाद नई सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया बदल दी। अब ऐसा भी संभव है कि कोई दूसरी सरकार बने और वह इस सरकार की चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए बदल दे। खंडपीठ ने चार फरवरी से शुरू काउंसलिंग पर रोक लगाते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से काउंसलिंग प्रक्रिया स्थगित करने का आदेश भेज दिया है। इस संबंध में सभी जिलों में विज्ञापन प्रकाशित कराने को भी कहा गया है, ताकि आवेदकों को इसकी जानकारी मिल सके।

हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सोमवार को ही शुरू हुई थी काउंसलिंग
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इलाहाबाद/लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रदेश में 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कई अभ्यर्थियों की उस विशेष अपील को स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है, जिसमें टीईटी को अर्हता मानने को चुनौती दी गई है। कोर्ट का आदेश आने के बाद प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार के मौखिक निर्देश पर बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेज दिया। इसके बाद सोमवार को ही शुरू हुई काउंसलिंग 11 फरवरी तक स्थगित कर दी गई। कोर्ट ने मामले पर प्रदेश सरकार से 11 फरवरी तक जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने नवीन कुमार श्रीवास्तव और अन्य अभ्यर्थियों की विशेष अपील सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। अपीलार्थियों की दलील थी, चूंकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक केंद्रीय अधिनियम है और इसी के तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 को अधिसूचना जारी कर सहायक अध्यापकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित की है। इसलिए बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 पर यह बाध्यकारी है। इस अधिसूचना के विपरीत शिक्षक नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा पहले की विज्ञापन रद्द कर देने से पूरी चयन प्रक्रिया बदल गई है। टीईटी के प्राप्तांकों को अब मानक के बजाय मात्र अर्हता माना जा रहा है। इस नई परिस्थिति में जो लोग 30 नवंबर 2011 के विज्ञापन में आवेदन की अर्हता नहीं रखते थे वह भी अब अर्ह हो गए हैं। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से जानना चाहा है कि क्या एकल न्यायपीठ ने टीईटी परीक्षा में हुई धांधली और इसमें लिप्त लोगों को अलग करके शेष लोगों का चयन टीईटी के प्राप्तांक पर करने के लिए कहा था। खंडपीठ का मत था कि पिछली सरकार के जाने के बाद नई सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया बदल दी। अब ऐसा भी संभव है कि कोई दूसरी सरकार बने और वह इस सरकार की चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए बदल दे। खंडपीठ ने चार फरवरी से शुरू काउंसलिंग पर रोक लगाते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से काउंसलिंग प्रक्रिया स्थगित करने का आदेश भेज दिया है। इस संबंध में सभी जिलों में विज्ञापन प्रकाशित कराने को भी कहा गया है, ताकि आवेदकों को इसकी जानकारी मिल सके।



फर्जी आवेदनों के कारण प्रथम काउंसलिंग वाले अभ्यरथियो को कई समस्यों से जूझना पड़ रहा है
कई अभ्यर्थीयो को ग्रह जनपद छोड़कर बाहर के जिलों में नंबर आने पर , अपनी सीट सुरक्षित करने के लिए ग्रह जनपद छोड़ कर अन्य जिलों का भी चुनाव करना पड़ सकता है
अगर सभी तरह के फर्जी आवेदनों को बाहर रखा जाए और उसके बाद काउंसलिंग की कट-ऑफ़ जारी की जाती तो इससे प्रथम काउंसलिंग में ऊँचा स्थान रखने वालों को राहत मिल सकती थी ।

टी ई टी अभ्यर्थीयों में भी कई मत हैं -
1. एक धड़ा बी . एड 2012 वालों को नियुक्ति से बाहर देखने के मत में है , क्योंकि उनके अनुसार- वे नियुक्ति के पात्र नहीं है
वे टी ई टी परीक्षा के भी पात्र नहीं थे । टी ई टी एपीरिंग के बारे में उनके अपने मत हैं
2. जबकि बी . एड 2011 वालों का कहना है कि उन्होंने आवेदन सरकार द्वारा जारी किये गए विज्ञापन के अनुरूप किया है
और पिछला विज्ञापन रद्द किया जा चुका है
3. कई लोगो का मानना है कि भर्ती टी ई टी मेरिट से होनी चाहिए और इसके लिये वह सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं ।
आखिर उनका क्या दोष , उन्होंने तो परीक्षा मेहनत से पास की थी ।

4. कई लोगो का मानना है कि भर्ती सरकार का कार्य है और हाई कोर्ट इस पर मुहर लगा चुका है
ये भर्ती प्रक्रिया काफी लम्बे समय से चल रही है और काफी तरह के उतार चडाव सामने आते रहे , यू पी टी ई टी परीक्षा
के बाद जारी विज्ञापन में बदलाव और आये दिन कोर्ट में नए नए मामले आते रहना , अभ्यर्थीयों के मन में शंकाएं उत्पन्न करता रहता है
UPTET : यूपी में शिक्षक भर्ती के लिए कटऑफ जारी



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उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक बनने के लिए आवेदन करने वालों का इंतजार खत्म हो गया है। तमाम झंझावतों के बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को शिक्षक चयन की कटऑफ जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कटऑफ जारी करने में बाजी कुशीनगर ने मारी है। कटऑफ में आने वालों की काउंसिलिंग 4 से 9 फरवरी के बीच होगी। सामान्य और आरक्षित वर्ग के लिए जितने पद होंगे, उतने अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा जबकि विशेष आरक्षित वर्ग निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिक कोटे के पदों को भरने के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि सभी जिलों को कटऑफ जारी करने का निर्देश भेज दिया है। जिलों में आए हुए आवेदन के आधार पर प्रतिशत निकाला गया है। इस आधार पर अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है।

पहले चरण में सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की जाएगी। इसके बाद विशेष आरक्षित वर्ग के लिए, जिसमें निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

काउंसिलिंग में शामिल होने वालों का चयन न होने पर उनका प्रमाण पत्र 11 फरवरी को वापस कर दिया जाएगा और 12 फरवरी को पदों का आवंटन किया जाएगा। काउंसिलिंग में शामिल होने मात्र से अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्ति के लिए दावा नहीं कर सकेंगे। काउंसिलिंग में शामिल न होने वाले को दुबारा मौका नहीं दिया जाएगा।

बेसिक शिक्षा परिषद ने 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए 5 दिसंबर 2012 को शासनादेश जारी करते हुए ऑनलाइन आवेदन मांगा था। टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को सभी जिलों में आवेदन की छूट होने की वजह से 69 लाख आवेदन आए। बेसिक शिक्षा परिषद ने पहले 29 जनवरी से काउंसिलिंग की तारीख निर्धारित की थी, लेकिन आवेदनों की संख्या अधिक होने के चलते कटऑफ जारी न हो पाने की वजह से काउंसिलिंग 4 फरवरी से कर दी गई। 

एसएलपी दाखिल करने की तैयारी

राज्य सरकार आयुसीमा के कारण शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके अभ्यर्थियों को 31 जनवरी तक आवेदन का मौका दिए जाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शीघ्र विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दाखिल कर देगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने न्याय विभाग से सहमति ले लिया है


News Source : Amar Ujala (29.1.13)
***********************************
Government is going to continue recruitment process, and going to appeal against High court order.

In Kushinagar merit cut-off is released and very soon you can see cut-off details of other districts.
UPTET : यूपी में शिक्षक भर्ती के लिए कटऑफ जारी



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उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक बनने के लिए आवेदन करने वालों का इंतजार खत्म हो गया है। तमाम झंझावतों के बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को शिक्षक चयन की कटऑफ जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कटऑफ जारी करने में बाजी कुशीनगर ने मारी है। कटऑफ में आने वालों की काउंसिलिंग 4 से 9 फरवरी के बीच होगी। सामान्य और आरक्षित वर्ग के लिए जितने पद होंगे, उतने अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा जबकि विशेष आरक्षित वर्ग निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिक कोटे के पदों को भरने के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि सभी जिलों को कटऑफ जारी करने का निर्देश भेज दिया है। जिलों में आए हुए आवेदन के आधार पर प्रतिशत निकाला गया है। इस आधार पर अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है।

पहले चरण में सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की जाएगी। इसके बाद विशेष आरक्षित वर्ग के लिए, जिसमें निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

काउंसिलिंग में शामिल होने वालों का चयन न होने पर उनका प्रमाण पत्र 11 फरवरी को वापस कर दिया जाएगा और 12 फरवरी को पदों का आवंटन किया जाएगा। काउंसिलिंग में शामिल होने मात्र से अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्ति के लिए दावा नहीं कर सकेंगे। काउंसिलिंग में शामिल न होने वाले को दुबारा मौका नहीं दिया जाएगा।

बेसिक शिक्षा परिषद ने 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए 5 दिसंबर 2012 को शासनादेश जारी करते हुए ऑनलाइन आवेदन मांगा था। टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को सभी जिलों में आवेदन की छूट होने की वजह से 69 लाख आवेदन आए। बेसिक शिक्षा परिषद ने पहले 29 जनवरी से काउंसिलिंग की तारीख निर्धारित की थी, लेकिन आवेदनों की संख्या अधिक होने के चलते कटऑफ जारी न हो पाने की वजह से काउंसिलिंग 4 फरवरी से कर दी गई। 

एसएलपी दाखिल करने की तैयारी

राज्य सरकार आयुसीमा के कारण शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके अभ्यर्थियों को 31 जनवरी तक आवेदन का मौका दिए जाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शीघ्र विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दाखिल कर देगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने न्याय विभाग से सहमति ले लिया है


News Source : Amar Ujala (29.1.13)
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शिक्षक भर्ती : कटऑफ जारी होने शुरू.......
12 फरवरी को होगा पदों का आवंटन..
•सहारनपुर में मेरिट सबसे ज्यादा...
•प्रतापगढ़ में ओबीसी का कटऑफ जनरल से ज्यादा..
•4 से 9 फरवरी तक कराई जाएगी काउंसलिंग....

लखनऊ। प्रदेश्‍ा के प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए मंगलवार को कटऑफ जारी होने लगे। जिन जिलों में कटऑफ जारी किए गए हैं, उनमें सहारनपुर में मेरिट सबसे ज्यादा है। वहां सामान्‍य वर्ग का कटऑफ 96.42 से 71.70 के बीच है, जबकि प्रतापगढ़ में ओेबीसी की मेरिट सामान्‍य वर्ग से भी ज्यादा गई हैै।
प्रतापगढ़ में ओबीसी का कटऑफ 72.60 है जबकि जनरल का 72.18 है। सहारनपुर में ओबीसी का कटऑफ 71.69 से 69.81 के बीच हैै जबकि एससी का 71.52 से 66.33 के बीच है। वहां एसटी का कटऑफ 67.3 से 59.62 के बीच है। सहारनपुर में मेरिट ज्यादा जाने की एक वजह यह भी है कि वहां केवल 600 सीटें हैं। सबसे ज्यादा सीटें सीतापुर में हैं जबकि लखनऊ में मात्र 12 पद हैं। ऐसे में यहां कटऑफ काफी ऊंचा रहने की संभावना है। सूची में आने वालों की काउंसलिंग 4 से 9 फरवरी के बीच होगी।
आज जारी होंगे राजधानी के कटऑफ
राजधानी के बीएसए सर्वदानंद का कहना है कि परिषद से निर्देश मिल गए हैं, लेकिन कटऑफ के अलावा और भी काम हैं। उनका कहना है कि बुधवार को राजधानी के कटऑफ जारी कर दिए जाएंगे।
प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग में शामिल होने वाल अभ्यर्थियों का चयन न होने पर उनका मूल प्रमाण पत्र 11 फरवरी को वापस कर दिया जाएगा और 12 फरवरी को पदों का आवंटन किया जाएगा। काउंसलिंग में शामिल होने मात्र से अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए दावा नहीं कर सकेंगे। काउंसलिंग में शामिल न होने वाले को दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। सामान्य और आरक्षित वर्ग के लिए जितने पद होंगे, उतने ही अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा। वहीं, विशेष आरक्षित वर्ग निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिक कोटे के पद भरने के लिए तिगुने अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा।
पहले चरण में सामान्य एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग की काउंसलिंग
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने सभी जिलों को कटऑफ सूची जारी करने का निर्देश भेज दिया है। जिलों में आए हुए आवेदनों के आधार पर प्रतिशत निकाला गया है। इसके आधार पर अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। पहले चरण में सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जाएगी। इसके बाद विशेष आरक्षित वर्ग (निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिक) के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा।
एसएलपी दाखिल करने की तैयारी
लखनऊ(ब्यूरो)।राज्य सरकार आयु सीमा के कारण शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके अभ्यर्थियों को 31 जनवरी तक आवेदन का मौका दिए जाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शीघ्र ही विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दाखिल करेगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग ने न्याय विभाग से सहमति प्राप्त कर ली है।
जितना पूर्णांक उतना ही प्राप्तांक
लखनऊ (ब्यूरो)। कटऑफ जारी होने के साथ ही सरकारी तंत्र की खामियां उजागर होने लगी हैं। सबसे पहले जारी होने वाले कुशीनगर के कटऑफ में कई गड़बड़ियां हैं। उदाहरण के लिए चंद्रभान का हाईस्कूल में पूर्णांक 353 और प्राप्तांक भी इतना ही दिखाया गया है। साथ ही इंटर में 675 में 675, स्नातक में 600 में 600 और बीएड में 620 में 620 दिखाया गया है। इसी तरह राम कुमार यादव को हाईस्कूल में 500 में 500, इंटर में 600 में 600, स्नातक में 2200 में 2200 और बीएड में 1000 में 1000 दिखाया गया है। इसके अलावा श्याम सुंदर गुप्ता, अंबिका प्रसाद और हेमेंद्र सिंह के पूर्णांक और प्राप्तांक में भी खामियां हैं। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारी इन खामियों पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार इसे परिषद का मामला बताकर टाल रहे हैं, तो परिषद के सचिव संजय सिन्हा मोबाइल स्विच ऑफ किए बैठे हैं।
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शिक्षक भर्ती काउंसलिंग अब चार फरवरी से
•जिलों में 30 जनवरी को जारी होगी कट आॅफ सूची,
लखनऊ (ब्यूरो)। प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए काउंसलिंग अब 29 जनवरी के बजाय चार फरवरी से शुरू होगी। जिलों में कट ऑफ सूची 30 जनवरी को जारी की जाएगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जिलों को जरूरी ब्यौरे 26 जनवरी तक भेज दिए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद ने 72825 शिक्षकों की भर्ती के लिए पिछले दिनों रैंकिंग जारी करते हुए 29 जनवरी से काउंसलिंग शुरू कराने की बात कही थी। शुक्रवार को इस कार्यक्रम में संशोधन कर दिया गया। परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया, कट ऑफ सूची जारी करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कट ऑफ डिटेल्स तैयार ः पेज 5 पर

पहले 29 से होनी थी काउंसलिंग
जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के अभ्यर्थी दो हिस्सों मेंबंट गए हैं। एक गुट भर्ती में 2012 में पास हुए बीएड अभ्यर्थियों के शामिल होने के समर्थन मेंहैं तो दूसरे इसके विरोध में हैं। वहीं सुगबुगाहट है कि बेसिक शिक्षा परिषद इस मामले में सभी अभ्यर्थियों के हितों का ख्याल रखने जा रहा है। इन सबके बीच अभ्यर्थियों का अदालत जाना भी जारी है। वहीं सात अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए तैयार की जाने वाली मेरिट में आरक्षण के नियमों को राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एकनिर्णय पर लागू कराने की मांग की गई है। याचियों ने कहा है कि आरक्षित वर्ग के जिन अभ्यर्थियों ने टीईटी में साठ फीसदी से कम अंक प्राप्त किए हैं उन्हें भर्ती की सूची में सामान्य वर्ग में न शामिल किया जाए। आजाद पार्क पर जुटेंगे अभ्यर्थी गुरुवार को सुबह दसबजे और शाम चार बजे आजाद पार्क पर बैठकें आयोजित हैं। इस बैठक में बीएड 2012 पास अभ्यर्थी शिरकत करेंगे। बैठक में मांगों को लेकर विभाग और अदालत में किए जाने वाले संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी। वेतन विसंगति दूर करनेको ज्ञापन : उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव को एक ज्ञापन देकर वेतन विसंगति दूर किए जाने को लेकर ज्ञापन दिया। लल्लन मिश्रा, राम विशाल मिश्रा, देवेंद्र श्रीवास्तव, शिव बहादुर, मसूद आदि मौजूद रहे।
COMPULSORY DOCUMENTS FOR COUNSLING[imp]

1. 10th Marksheet & Sanad
2. 12th Marksheet & Sanad
3. Graduation Marksheet & Degree ya Provisional Certificate (Jisne bhi abhi ek bhi provisional nahi banvaya hai. Counseling se pahle banva le )
4. B.Ed. Marksheet , Degree ya Provisional Certificate & NCTE approval letter (Jisne bhi abhi ek bhi provisional nahi banvaya hai. Counseling se pahle banva le )
5. TET 1-5 Certificate (Jisne abhi tak nahi liya hai turant apne Mandal ke JD Office se le le)
6. Nivas Praman Patra (Nivas Praman ptra satyapan ke liye click kare http://bor.up.nic.in/ppsatyapan/satyapan.aspx
jinka parman patra upar diye aye link par na ho vo http://edistrict.up.nic.in/certificate/certVerify.aspx is par bhi check kar le.)
7. Caste Certificate (OBC/SC/ST ke liye)( satyapan ke liye click kare http://bor.up.nic.in/ppsatyapan/satyapan.aspx)
8. Viklang Certificate (Physical Handicap students only)(CMO Office se bana hua)
9. Notry se bani 10 rs ke stamp par 2 sapth jo Vigyapan ke page number 16 ke praroop par honi chahiye.
(Vakil/Vendor ko paise dekar banava le )
10. Registration Slip, E challan ki student copy & Avedan ka Print. (Kho gai hai to Edit kar ke banva le. jo person meri tarah Computer me farji kaam karne me expert ho uski sahayata le. Duplicate Banate samay sabhi technical baato ka dhyan rakhe. Kisi kam IQ vale person ka istemal na kare)
12. 4 Passport size photo jo Avedan me lagai hai. (Same photo ki jaroorat padegi extra 8-10 aur rakh le. Shaadi me bhi kaam aa jayegi)
13. Original Pahchan patra Jo Avedan me mention kiya hai. (GO ke anusaar vahi ID chahiye jo aapne form me likhi hai. Kho jane ke case me DIET se jakar is matter ko puchh le)
14. Upar diye gaye sabhi documents ki 2-3 Set attested photocopy set. (4 set banava le to bahtar hai. 2 set Gustted adhikari se attest kara kar rakh le. 2 set blank rakhe. Agar Self maange to khud aapko sign karne me kitni der lagegi. Lekin counseling ke samay gusted adhikari ek dam se milna muskil hota hai. Gustted adhikari ya principal se attest 2 set jaroor rakhe )
15. Ek plastic document bag jisme rakh kar apne certificate DIET me jama karege. (Plastic document bag aisa le jiske ander aapki sari degree aur marksheet band ho jaye. Kuch DIET UP me to jangal me basi hai janha aas paas stationary ki dukaan bhi nahi hai. Isliye 15-20 rs kharch kar lejiyega pahle he)
Vaise iske baad shayad aapko koi confusion na rahe. Agar phir bhi koi baat clear karni hai to www.uptetinfo.wapka.mobi par jaker click kare. Us par Inquiry ke liye apni mail id aor msg box me apni problem likh kar send click kar dejiyega. Aapka Saval mujh tak pahuch jayega aur jald he uska reply aapko mil jayega. Ye sabhi suchanaye meri apni jaankari ke anusaar hai. Aap bhi apne ister jankari kar le becoj I am not any official person.
UPTET : टीचर भर्तीः पैसा वापसी के लिए भेजें रजिस्टर्ड लिफाफा
न्यूज़ साभार - अमर उजाला 

सहायक अध्यापक भर्ती 2011 विज्ञापन के आधार पर आवेदन करने वाले लाखों आवेदकों के फीस का पैसा जल्द ही उनके घर पहुंचेगा। सभी आवेदकों के शुल्क वापस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुल्क की धनराशि चेक के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचेगी। इसके लिए आवेदकों को जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शुल्क वापसी से संबंधित साक्ष्य के साथ-साथ रजिस्टर्ड लिफाफा भी भेजना होगा।  

आवेदकों की परेशानी को देखते हुए ‘अमर उजाला’ ने शासन के बड़े अधिकारियों से बातचीत कर 15 दिसंबर को ही यह खुलासा कर दिया था कि शासन शुल्क वापस करेगा। अब इसकी प्रक्रिया शुरू कर शासन ने एक कदम और बढ़ा दिया है। 

रजिस्टर्ड लिफाफा  
शुल्क वापसी के लिए आवेदकों को उन सभी जिलों के डायट में आवेदन करना होगा, जहां उन्होंने मूल बैंक ड्राफ्ट लगाया है। ड्राफ्ट और आवेदनपत्र की फोटोकॉपी समेत डायट द्वारा मांगे गए दस्तावेजों को उपलब्ध कराना होगा। क्रॉस चेकिंग के बाद आवेदकों को उनके दिए गए पते पर चेक के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी। 

डायट प्राचार्य वीके पांडेय ने बताया कि प्रमाणपत्रों की फोटोकॉपी के साथ आवेदकों को रजिस्टर्ड लिफाफा भेजना होगा। इसी में उनकी शुल्क वापस का चेक भेजा जाएगा। आवेदक प्रमाणपत्र साधारण डाक द्वारा या फिर व्यक्तिगत रूप से इसे डायट में उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए विज्ञापन भी जारी किया जाएगा। 

सहायक अध्यापक भर्ती 2011 के विज्ञापन में आवेदकों को पांच जिलों के आवेदक की छूट दी गई थी। आवेदन के साथ 500-500 रुपये का बैंक ड्राफ्ट भी लगाना था। यानी साफ है कि ज्यादातर आवेदकों के 2500 रुपये फंसे हैं। शासन की पहल से अभ्यर्थियों को उनकी पुरानी रकम वापस मिलने की उम्मीद कई गुना बढ़ गई है


News Source : http://beta.amarujala.com/news/states/uttar-pradesh/up-govt-will-return-assistant-teacher-recruitment-fee-to-applicants/ / Amar Ujala (16.1.13)

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