टीईटी अब होगी जनवरी 2014 में.....
* परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने भेजा प्रस्ताव, बीएड वाले होंगे उच्च प्राइमरी के लिए पात्र......
* बीएड की खाली 32,000 सीटों पर सीधे मिलेगा प्रवेश.....
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अब इस साल न कराकर जनवरी 2014 में
कराने की योजना है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने इसके लिए शासन को
प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें 10 से लेकर 14 जनवरी के बीच किसी भी दिन दो
पालियों में परीक्षा कराने की बात कही गई
है। बीटीसी, उर्दू बीटीसी और कोर्ट के आदेश पर प्रशिक्षित विशिष्ट बीटीसी
वाले प्राइमरी और बीएड वाले उच्च प्राइमरी स्कूलों की टीईटी के लिए पात्र
होंगे। शासन से मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी करते हुए आवेदन लेने की
प्रक्रिया दिसंबर में शुरू करने की योजना है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम
लागू होने के बाद कक्षा आठ तक के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी
अनिवार्य कर दिया गया है। इसके आधार पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद
(एनसीटीई) ने वर्ष 2010 में अधिसूचना जारी करते हुए राज्यों से साल में दो
बार टीईटी आयोजित कराने की व्यवस्था की है। उत्तर प्रदेश में अब तक केवल दो
बार यानी नवंबर 2011 और जून 2013 में टीईटी आयोजित हुई है। वर्ष 2012 में
टीईटी आयोजित नहीं की गई। इस बार साल में दो बार टीईटी कराने की तैयारी थी
लेकिन देरी होने की वजह से यह तय किया गया है कि अब इसे जनवरी 2014 में
कराया जाए। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने इसके आधार पर प्रस्ताव भेजा है।
इसमें टीईटी जनवरी में कराए जाने की बात कही गई है। इस बार भाषा शिक्षकों
के लिए अलग से परीक्षा कराने का प्रस्ताव नहीं है। वजह साफ है कि जून 2013
की परीक्षा में मोअल्लिम वालों को भी शामिल होना था, इसलिए भाषा शिक्षक के
लिए टीईटी की अलग से व्यवस्था की गई थी।
कानपुर (ब्यूरो)। प्रदेश में
खाली चल रही बीएड की 32,000 सीटों पर अब सीधे प्रवेश लिया जा सकेगा। यह
फैसला उच्चशिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव नीरज गुप्ता ने सेल्फ फाइनेंस कॉलेज
प्रबंधकों की मांग पर लिया है। नए आदेश के मुताबिक जिन कॉलेजों में बीएड
की सीटें खाली है वो कॉलेज विज्ञापन जारी कर सीधे आवेदन मंगा सकते हैं।
प्रवेश की पूरी प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक संपन्न की जानी है। इस प्रक्रिया
के तहत प्रदेश में कुल 32,000 सीटें भरी जाएंगी। प्रवेश केवल उन्हीं
अभ्यर्थियों को दिया जाएगा जो बीएड की प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुए थे।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विनय त्रिवेदी और महामंत्री
डॉ. बृजेश भदौरिया ने बताया कि इस सिलसिले में काफी दिनों से बातचीत चल रही
थी जिसे गुरुवार को मान लिया गया है।