टीईटी में बीपीएल वालों को फीस नहीं

टीईटी में बीपीएल वालों को फीस नहीं

लखनऊ/ब्यूरो | Last updated on: December 9, 2012 12:18 AM IST
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में नि:शक्तों की तर्ज पर गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) जीवनयापन करने वाले परिवार के बच्चों को भी मुफ्त बैठने की अनुमति देने की तैयारी है।

उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर काफी हद तक सहमति बन गई है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी करेंगे। बीपीएल परिवार के बच्चों की फीस पर निर्णय होने के बाद जल्द शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में कक्षा 8 तक के स्कूलों में ट्रेंड शिक्षकों को रखने की अनिवार्यता की गई है। इसमें यह शर्त रखी गई है कि टीईटी पास करने वाला ही शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने को पात्र होगा। टीईटी में शामिल होने के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य होगा।

आरक्षित वर्ग तथा विकलांग व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को 5 प्रतिशत अंक की छूट मिलेगी। सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 400 और एससी, एसटी के लिए 200 रुपये होगा। बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि फरवरी 2013 में टीईटी आयोजित करा ली जाए, ताकि बीएड वालों के साथ बीटीसी की ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले 15 हजार से अधिक अभ्यर्थी भी इसमें शामिल हो सकें। यूपी में पहली बार नवंबर 2011 में टीईटी आयोजित हुई थी।

नि:शक्तों के लिए आवेदन पहले की तरह मुफ्त
नि:शक्तों के लिए पूर्व की तरह आवेदन मुफ्त होगा। टीईटी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी होगी।

परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले को प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जो पांच साल के लिए मान्य होगा। परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी। इसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। 60 फीसदी अंक पाने वाला पास होगा। अनुसूचित जाति, जनजाति व विकलांगों को 55 फीसदी अंक पाने पर उत्तीर्ण माना जाएगा।

TET Qualifide BTC/VBTC Candidate's Selection List Released

आगरा: बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बीटीसी प्रशिक्षित होने के साथ ही टीईटी (टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को आवेदकों की सूची के साथ ही मेरिट जारी कर दी गई। इनकी 18 को काउंसिलिंग कराने के आदेश दिए हैं। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में 300 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति होनी है।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा टीईटी उत्तीर्ण कर चुके बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और उर्दू बीटीसी कर चुके अभ्यर्थियों से अक्टूबर में नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया 31 दिसंबर से पूर्ण होनी है। इसी कड़ी में बेसिक शिक्षा परिषद् द्वारा मंगलवार को आवेदकों की सूची जारी कर दी गई। जिले में बीटीसी में सामान्य व विकलांग वर्ग के 222, अनुसूचित जाति के 145, अनुसूचित जनजाति के तीन व अन्य पिछड़ा वर्ग के 263 आवेदकों की सूची जारी हुई है। विशिष्ट बीटीसी में सामान्य व विकलांग वर्ग के 112, अनुसूचित जाति के 120 व अन्य पिछड़ा वर्ग के 262 और उर्दू बीटीसी में सामान्य वर्ग के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग के 17 और अनुसूचित जाति के दो अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र प्रकाश ने बताया कि उन्हें अभी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। 
News Source : Jagran Epaper (5.12.12)
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Now UPTET 2011 exam is fully saved as UPTET pass qualificaton is MUST for selection of Teachers.

UPTET : TET Qualifide BTC / VBTC Candidate's Merit/Selection List is Released

UPTET : TET Qualifide BTC / VBTC Candidate's Merit/Selection List is Released

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् के अधीन प्राथमिक विद्यालयों में प्रशिक्षु अध्यापक चयन - 2012 हेतु आनलाइन आवेदन प्रणाली


बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन प्राथमिक विद्यालयो में सहायक अध्यापकों के पद पर आनलाइन किये गये

आवेदन के आधार पर अभ्यार्थी की जनपद में काउंसलिंग हेतु रैंक


For Counslling etc. details visit Website - http://upbasiceduboard.gov.in/

बीटीसी-2012 के चयनितों को प्रशिक्षण 1 जनवरी से

बीटीसी-2012 के चयनितों को प्रशिक्षण 1 जनवरी से

लखनऊ। राज्य सरकार ने बीटीसी 2012 के लिए चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी 2013 से दो वर्षीय प्रशिक्षण देने का निर्णय किया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया। प्रत्येक जिलों में पात्रों को चयनित करने के लिए सभी जिलों में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित चयन समिति की बैठक 7 दिसंबर को अनिवार्य रूप से कराते हुए 8 दिसंबर को सूची प्रकाशित करा दी जाएगी और पात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया 12 से 14 दिसंबर के बीच की जाएगी।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक रखने की योग्यता बीटीसी है। प्रदेश में मौजूदा समय 13 हजार 250 सीटें हैं। इसमें 10 हजार 400 सरकारी और 57 निजी कॉलेजों में 2850 सीटें हैं। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एससीईआरटी) ने रिक्त सीटों पर एडमिशन देने के लिए सितंबर 2012 में जिलेवार ऑनलाइन आवेदन मांगा था। आवेदन लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब इनका चयन कर इनकों दो वर्षीय प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि प्रशिक्षण के लिए चयनितों की मेरिट लिस्ट तैयार करते हुए 7 दिसंबर को जिला समिति से अनुमोदित कराते हुए 8 दिसंबर को इसका प्रकाशन करा दिया जाए।
शासनादेश के मुताबिक बीटीसी के लिए कुल सीटों के हिसाब से आरक्षित एवं विशेष आरक्षित श्रेणी के दोगुने अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।
मेरिट लिस्ट में आने वालों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन (काउंसलिंग) 12 से 14 दिसंबर के बीच की जाएगी। इसके बाद 15 दिसंबर को जिला चयन समिति से सूची अनुमोदित कराते हुए 16 दिसंबर को इसका प्रकाशन अखबारों में करा दिया जाए। अनुमोदित चयन सूची के आधार पर आने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित फीस जमा करनी होगी।
8 दिसंबर को जारी होगी सूची,
काउंसलिंग 12 से 14 के बीच

UPTET: यूपी में 72 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती को मंजूरी

लखनऊ/ब्यूरो | Last updated on: December 5, 2012 1:36 AM IST

राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षकों की सीधी भर्ती को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास बीएड डिग्रीधारकों को 72 हजार 825 प्रशिक्षु अध्यापक के पद पर रखने का रास्ता साफ हो गया है।

इसके अलावा उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के कुल पदों में 50 फीसदी को गणित व विज्ञान शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए आरक्षित कर दिया गया है। साथ ही, बेसिक शिक्षा परिषद से सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि भर्ती शासनादेश जारी होने के बाद ही शुरू होगी। कैबिनेट ने मोअल्लिम वालों को टीईटी से छूट देने पर सहमति जताई लेकिन मामले पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री पर छोड़ दिया।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 1981 में किए गए संशोधन की मंजूरी दे दी गई है। लेकिन विधान मंडल सत्र चलने के कारण सरकार ने इन फैसलों को सार्वजनिक नहीं किया।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद कक्षा 8 तक के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए रिक्त पदों पर टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को प्रशिक्षु सहायक अध्यापक के पद पर सीधी भर्ती की व्यवस्था दी गई है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा नियमावली में शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान नहीं था। इसके लिए नियमावली में संशोधन किया गया।

शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बीटीसी पास अभ्यर्थियों की कमी है। इसलिए यूपी टीईटी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद नई दिल्ली द्वारा आयोजित टीईटी पास बीएड, बीएड (विशेष शिक्षा) व डीएड (विशेष शिक्षा) डिग्रीधारियों को प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर होने वाली सीधी भर्ती के लिए पात्र मान लिया गया है। प्रशिक्षु शिक्षकों को 7300 रुपये नियत वेतनमान दिया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इन शिक्षकों को छह माह की ट्रेनिंग देकर सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दी जाएगी।

सरकार ने उच्च प्राथमिक स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों को रखने के लिए 50 फीसदी पदों को आरक्षित कर दिया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 1981 के 15वें संशोधन में यह व्यवस्था कर दी गई है। इसके मुताबिक उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान एवं गणित के सहायक अध्यापकों के 50 प्रतिशत पदों पर तथा इसके अतिरिक्त विषयों में पदोन्नति के लिए पात्र शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण इन पदों पर शिक्षकों की सीधी भर्ती की जाएगी। इसके लिए टीईटी पास बीएड, बीएड (विशेष शिक्षा) व डीएड (विशेष शिक्षा) डिग्रीधारी पात्र होंगे।

प्रक्रिया
शिक्षकों की भर्ती के लिए हाईस्कूल 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड को 30 प्रतिशत गुणांक मानते हुए मेरिट बनाई जाएगी। इसके लिए जिलेवार ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। इस संबंध में शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। प्रदेश में 1.60 लाख प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलें हैं। प्राथमिक स्कूलों में 3 लाख, 86 हजार, 726 तथा उच्च प्राथमिक स्कूलोें में 1 लाख 58 हजार पद स्वीकृत हैं। पर मौजूदा समय मात्र 2 लाख, 86 हजार, 787 शिक्षक कार्यरत हैं और 2 लाख, 57 हजार 939 पद रिक्त हैं।

शिक्षक बनाने को नई जुगत


लखनऊ [जाब्यू]। वर्ष 1997 से पहले के मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षक नियुक्त करने की राह तलाशने में जुटी राज्य सरकार विधिक परामर्श प्राप्त होने के बाद मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दिला सकती है। 1997 से पहले के मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा इन टीचिंग करने वाले अभ्यर्थियों को उर्दू शिक्षक नियुक्त करने के लिए सरकार उन्हें अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट दिलाने की राह तलाश रही है। वर्तमान में उर्दू शिक्षकों के 2911 पद रिक्त हैं। इस संबंध में सरकार ने हाल ही में विधिक परामर्श हासिल किया था। विधिक परामर्श में कहा गया कि 1997 से पहले के मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से डिप्लोमा इन टीचिंग करने वाले अभ्यर्थियों को उर्दू शिक्षक नियुक्त करने के लिए राज्य सरकार पहले विज्ञापन प्रकाशित करे। विज्ञापन प्रकाशित करने पर यदि टीईटी उत्ताीर्ण मुआल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों के आवेदन समुचित संख्या में प्राप्त हो जाते हैं तो सरकार उन्हें शिक्षक नियुक्त कर दे। यदि समुचित संख्या में टीईटी उत्ताीर्ण मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधि धारक नहीं मिलते हैं तो नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) के तहत सरकार केंद्र से इन अभ्यर्थियों को टीईटी से छूट दिये जाने की मांग कर सकती है। विधिक परामर्श प्राप्त होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इस आशय के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति हासिल करने के लिए कैबिनेट को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में कैबिनेट से यह भी अनुरोध किया गया है कि उपयुक्त व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन किये बिना वह मुख्यमंत्री को अपने स्तर से निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दे।

बीटीसी प्रशिक्षु कैसे करें टीचर के लिए आवेदन?


इलाहाबाद/ब्यूरो | Last updated on: December 4, 2012 12:35 PM IST
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के खाली पदों पर भर्ती से पूर्व बीटीसी-2010 का परिणाम घोषित नहीं होने से 15,300 अभ्यर्थी नौकरी पाने के अवसर से वंचित हो रहे हैं। परिणाम घोषित करने की प्रशिक्षुओं की मांग को दरकिनार कर सरकार ने आवेदन की तिथि बीत जाने के बाद भी बीटीसी-2010 परिणाम घोषित नहीं की है।

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से आठ अक्टूबर 2012 से 31 दिसंबर 2012 के बीच शिक्षकों की भर्ती के लिए निर्देश जारी किया गया है। विभाग की ओर से इन पदों पर भर्ती के लिए 20 अकटूबर से 20 नवंबर के बीच आवेदन की तिथि रखी गई थी। बीटीसी प्रशिक्षुओं की मांग के बाद भी परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से परिणाम की घोषणा नहीं की गई।

बीटीसी 2010 बैच की प्रायोगिक परीक्षा के बाद भी अंतिम परिणाम जारी नहीं होने से इस बैच के 15,300 प्रशिक्षुओं को इस भर्ती से वंचित होना पड़ रहा है। बीटीसी प्रशिक्षुओं का कहना है कि उन लोगों ने भर्ती की अर्हता टीटीटी भी पास कर ली है, ऐसे में परीक्षा परिणाम की देरी के कारण उन्हें शिक्षक भर्ती से वंचित होना पड़ेगा। इन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाने की भी मांग की थी परंतु इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

बीटीसी प्रशिक्षुओं का कहना है कि 2010 बैच के प्रशिक्षण की अवधि एक जुलाई से 30 जून 2012 तक रखी गई थी, दिसंबर शुरू हो जाने के बाद भी बीटीसी 2010 का परिणाम घोषित नहीं किया गया है। प्रशिक्षुओं ने बीटीसी का परिणाम तत्काल घोषित करने के साथ ही आवेदन की तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है। परीक्षा परिणाम की बावत सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी भावना शिक्षार्थी का कहना है कि 18 दिसंबर तक बीटीसी 2010 का परिणाम घोषित किया जाएगा।

UPTET / BTC News : नौकरी की 'गारंटी' और बीटीसी के बीच 'जंग'


सहारनपुर । अब वह जमाना गुजर गया, जब बीटीसी करने के बाद नौकरी की 'गारंटी' होती थी। दरअसल सेवानिवृत शिक्षकों के सापेक्ष प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या कम थी। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू होने से उम्म्मीदों पर तुषारापात हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी के लिए दो दर्जन मृतक आश्रित कतार में हैं।

प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण पूरा के बाद शिक्षक की नौकरी एक 'गारंटी' बन गई थी। वर्ष 1980 तक बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को करीब 12 वर्ष बाद नौकरी मिलना आरंभ हुई थी। इसका कारण बीच की अवधि के दौरान कम शिक्षकों का सेवानिवृत होना रहा था। वर्ष 1992 के बाद सेवानिवृत शिक्षकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ, जिसके चलते बीटीसी कर चुके अभ्यर्थियों को वरीयता क्रम में नौकरी मिली। इसके बाद वर्ष 1998 तक बीटीसी में प्रवेश लेने वालों को प्रशिक्षण पूरा करने के साथ ही नौकरी मिलती चली गई।

यहां लगा ब्रेक

बीटीसी-2001 की प्रक्रिया में फंसा कांटा वर्ष 2009 में बाहर निकाला जा सका। इसके बाद जिले में इस बैच के करीब 90 अभ्यर्थियों को फरवरी 2009 में नौकरी मिल सकी थी। इसी बीच शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से रिक्त पद जा सके थे।

टीईटी बनी बड़ा कांटा

टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू होने के बाद मामले में फंसे पेंच ने नौकरी की राह में काटे बिछाने का काम किया है। बीटीसी प्रशिक्षण के बाद अब टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही नौकरी के लिए पात्रता पूरी होगी।

मृतक आश्रित भी कतार में

बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षक की नौकरी के लिए करीब दो दर्जन मृतक आश्रित कतार में हैं और इनमें अधिकांश स्नातक हैं। शिक्षा अधिकार कानून लागू होने के बाद विभाग सीधे नियुक्ति देने में असमर्थ है। बीएसए शैलेंद्र सिंह का कहना है कि मृतक आश्रितों के लिए चतुर्थ श्रेणी के पदों पर ही नियुक्ति का विकल्प खुला है।

जल्द निर्णय ले सरकार

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री मुकेश शर्मा का कहना है शिक्षकों की नियुक्ति में देरी से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। मामले को जल्द सुलझाने तथा मृतक आश्रितों को शिक्षक नियुक्त करने में सरकार को गंभीरता से प्रयास करने चाहिए


Source : Jagran ( 2.12.12)
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TET Exam ruled out guaranteed selection of BTC candidates, TET comes into force as per NCTE guidelines and to enhance quality in education.

SSA / RTE UP : एसएसए के तहत होने वाली सवा लाख भर्तियां स्थगित



लखनऊ। सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में सूबे में होने वाली 1,25, 000 से ज्यादा कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया तत्काल स्थगित कर दी गई है।
भर्ती प्रक्रिया स्थगित किए जाने का निर्देश एसएसए के राज्य परियोजना निदेशक अतुल कुमार ने जारी कर दिया है। परियोजना निदेशक ने सूबे के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) लिखे पत्र में कहा है कि तत्काल प्रभाव से एसएसए के तहत शिक्षक, अनुदेशक, शारीरिक शिक्षक, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में की जाने वाली भर्तियों के अलावा ब्लॉक रिसोर्स सेंटर के संचालन के लिए कम्प्यूटर सहायक और सहायक लेखाकार की भर्ती प्रक्रिया स्थगित की जाती है।
गौरतलब है कि सूबे में 41 हजार डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन (डीपीएड), बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) व सर्टिफिकेट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (सीपीएड) डिग्री धाकर संविदा शिक्षक, 27 हजार जूनियर हाई स्कूलों में कराते शिक्षक (शारीरिक शिक्षक), कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में 28 हजार से अधिक स्टाफ, सभी 821 ब्लॉक में ब्लॉक रिसोर्स सेंटर के संचालन के लिए कम्प्यूटर सहायक और सहायक लेखाकार इसके अलावा नि:शक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है


News Source : Amar Ujala / 17.11.12 ( http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20121117a_010122007&ileft=129&itop=357&zoomRatio=130&AN=20121117a_010122007)
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News Analysis : Recruitment through UPTET 2011 matter is running in court and may not be affected with above.
And in NEWS it is not mentioned recruitment related to UPTET 2011.
However better information/ analysis is invited to share on blog.

BTC / UPTET : बीटीसी 2010 का रिजल्ट न आने से


परीक्षार्थी परेशान

फर्रुखाबाद : बीटीसी 2010 की लिखित तथा प्रायोगिक परीक्षा होने के बावजूद अभी तक रिजल्ट घोषित न होने से परीक्षार्थी परेशान हैं। इनमें से टीईटी उत्तीर्ण 42 अभ्यर्थी बीटीसी रिजल्ट न आने से प्राथमिक शिक्षक पद के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

जनपद के बीटीसी 2010 प्रशिक्षण में छिबरामऊ डायट में 100 अभ्यर्थियों का प्रवेश हुआ था। इनमें से 81 अभ्यर्थियों ने चतुर्थ सेमेस्टर की लिखित तथा प्रायोगिक परीक्षा दी थी। प्रायोगिक परीक्षा अक्टूबर में तथा लिखित परीक्षा उससे पहले हुई थी।

इन 81 अभ्यर्थियों में 42 ऐसे हैं, जिन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण कर ली थी। परीक्षार्थियों ने बताया कि रिजल्ट न आने से प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रकाशित रिक्तियों में वह आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान छिबरामऊ के प्रशिक्षण प्रभारी डा.सुनील चतुर्वेदी ने बताया कि शीघ्र ही रिजल्ट आने वाला है।

2012 का प्रशिक्षण भी छिबरामऊ में

बीटीसी चयन 2012 के अभ्यर्थियों को भी कन्नौज जनपद की डायट छिबरामऊ में प्रशिक्षण लेने जाना होगा। इसके लिए ऑन लाइन आवेदन 11 नवंबर तक भरे गए। निवास प्रमाणपत्र काउंसिलिंग के समय प्रस्तुत करना होगा। प्रशिक्षण प्रभारी ने बताया कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का ब्योरा एससीईआरटी द्वारा डाउनलोड किया जायेगा। पासवर्ड भी आयेगा, तब आवेदकों का प्रिंट आउट निकलेगा

BTC / UPTET News : फर्जी बीटीसी प्रशिक्षुओं को नोटिस जारी

UPBTCकार्यालय संवाददाता, हाथरस : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में फर्जी तरीके से बीटीसी आदि में प्रवेश लेने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मेरठ से 26 प्रशिक्षुओं के प्रमाण पत्रों को फर्जी घोषित कर दिया है। संस्थान के प्राचार्य ने अब फर्जी प्रशिक्षुओं को अंतिम नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में फर्जी प्रमाण पत्रों के प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षुओं के मामले थमने का नाम नही ले रहे हैं। लगातार फर्जी प्रमाण पत्र के प्रशिक्षण करने वाले प्रशिक्षुओं के मामले उजागर हो रहे हैं। संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा प्रशिक्षुओं के प्रमाण पत्रों का सही तरीके से सत्यापन नही कराया जाता है। अगर सही तरीके से प्रशिक्षुओं के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाएं तो संस्थान की फजीहत न होती। बीटीसी वर्ष 2010 में प्रवेश लेने वाले 26 प्रशिक्षुओं के प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत प्राचार्य से की गई थी। प्राचार्य ने अतीला खान, हरेन्द्र कुमार, कृष्ण कुमार सेंगर, मणिदीप, सत्यवीर सिंह, नागेन्द्र सिंह चौहान, सुभाष चंद, श्वेता प्रथम, श्वेता द्वितीय, ओमकुमारी, अनुपमा, संजू कुमारी, नरेन्द्र कुमार, गौरव वशिष्ठ, प्रशांत वशिष्ठ, ओकार शर्मा, मीरा, शिवानी के अलावा सात अन्य प्रशिक्षुओं के हाई स्कूल और इंटर के प्रमाण पत्रों का सत्यापन माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्रीय सचिव कार्यालय मेरठ से कराया था। बोर्ड में बैठे अधिकारियों ने प्रमाण पत्रों की जांच पड़ताल करने के बाद उन्हें फर्जी घोषित कर दिया था। बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट अब डायट प्राचार्य हरवंश सिंह को भेज दी। अब डायट प्राचार्य इन फर्जी प्रशिक्षुओं के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहे है। डायट प्राचार्य ने अब इन प्रशिक्षुओं को नोटिस जारी करके जबाव मांगा है। डायट प्राचार्य की मुताबिक 26 बीटीसी प्रशिक्षुओं के प्रमाण पत्रों को बोर्ड ने फर्जी करार कर दिया है, इन सभी प्रशिक्षुओं को नोटिस दिया जा रहा है। अगर प्रशिक्षुओं के द्वारा नोटिस का जवाब नही दिया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी


News Source : Jagran (12.11.12)
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Hard punishment should be given cheaters and their helpers, So people will avoid such cheating.

B.T.C. 2012

Use This one link for registration: http://te-uttarpradesh.up.nic.in

इलाहाबाद (एसएनबी)। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) की एक नहीं बल्कि दो परीक्षाएं वर्ष 2013 में होंगी। पहली परीक्षा जनवरी-फरवरी में होने की संभावना है जबकि दूसरी नवंबर-दिसम्बर 2013 में होगी। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के 72,000 रिक्त पदों के एवं बीटीसी के शीघ्र आने वाले विज्ञापन की वजह से टीईटी- 2012 का जो विज्ञापन प्रकाशित होने वाला था उसकी तिथि बढ़ गयी है। इसके नवंबर के दूसरे हफ्ते में प्रकाशित होने की संभावना है। उधर, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, एलनगंज, इलाहाबाद कार्यालय में परीक्षा की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गयी है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में टीईटी की तैयारियां अब जोर पकड़ने लगी हैं। वह यूपी बोर्ड द्वारा टीईटी परीक्षा कराये जाने के दौरान हुई एक-एक खामियों की तरफ गंभीरता से ध्यान दे रही है। जिससे कि परीक्षा कराने के बाद कोई गड़बड़ी न रह जाये और किरकिरी हो। इसके लिए प्रश्नपत्रों की सहीं सेटिंग और उनके सही उत्तर, गलत नियम कानून को विज्ञापन से हटाना और अन्य प्रमुख सुधार हो रहा है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी टीईटी प्रश्नपत्रों की सेटिंग के लिए शिक्षाविदों से राय एवं उनसे प्रश्नपत्र-उत्तर तैयार करवाने जा रहा है जिससे कि बाद में अभ्यर्थी कोई गड़बड़ी न निकाल सके। इसी गड़बड़ी की वजह से यूपी बोर्ड और शासन की फजीहत हुई थी और उसी में आज भी मामला फंसा हुआ है। इतना ही नहीं अन्य गंभीर खामियों को भी ठीक किया जा रहा है। अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र लेने की बजाय आन लाइन आवेदन पत्र लिये जाने की तैयारियां अन्तिम दौर में चल रही हैं।

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